छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2026 | CG Assistant Teacher Recruitment 2026 Apply Online

छ.ग. शासन स्कूल शिक्षा विभाग का पत्र क्रमांक 8818-101/258/2025/20-तीन, दिनांक 28.10.2025. एवं 03.02.2026 के अनुक्रम में लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक / ESTB-101/207/2025/72 नवा रायपुर, दिनांक 16.04.2026 के द्वारा संक्षिप्त विज्ञापन जारी किया गया  

इस विज्ञापन में राज्य की शासकीय शालाओं (ई एवं टी-संवर्ग) में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल की वेबसाईट पर आमंत्रित किये गये है। विज्ञापित पदों के लिये आवश्यक शैक्षणिक अर्हताएँ, आयु सीमा, आरक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण निर्देश निम्नानुसार है 



1... सीधी भर्ती के लिये पात्रता की शर्तें :- सीधी भर्ती परीक्षा में पात्र होने के लिये अभ्यर्थी ह को, निम्नलिखित शर्ते पूरी करनी होंगी, अर्थात्‌ :- (एक) आयु:-
(i) 01 जनवरी, 2026 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूरी कर ली हो तथा 35 वर्ष की आयु पूरी न की हो (ii) यदि अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों या अन्य पिछड़ा वर्गों (गैर-क्रीमीलेयर) का हो, तो उच्चतर आयु सीमा अधिकतम 5 वर्ष तक शिथिलनीय होगी (iii) छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिये विशेष उपबंध) नियम, 1997 के उपबंधों के अनुसार, महिला अभ्यर्थियों के लिये; उच्चतर आयु सीमा अधिकतम 10 वर्ष तक शिथिलनीय होगी (iv) दिव्यांगजन व्यक्तियों को सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जायेगी (v) ऐसे अभ्यर्थियों के संबंध में भी, जो छत्तीसगढ़ शासन के कर्मचारी हो या रह चुके हों, नीचे विनिर्दिष्ट की गई सीमा तथा शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, उच्चतर आयु सीमा शिथिलनीय होगी :- (एक) ऐसा अभ्यर्थी, जो स्थायी या अस्थायी शासकीय सेवक हो, 38 वर्ष से अधिक आयु नहीं होना चाहिए ; (दो) ऐसा अभ्यर्थी, जो अस्थायी रूप से पद धारण कर रहा हो और किसी अन्य पद के लिये आवेदन कर रहा हो, 38 वर्ष से अधिक आयु का नहीं होना चाहिए। यह रियायत, आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों, कार्यभारित कर्मचारियों, तथा परियोजना समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को भी अनुज्ञेय होगी (तीन) ऐसा अभ्यर्थी, जो “छंटनी किया गया शासकीय सेवक” हो, उसे अपनी आयु में से उसके द्वारा पूर्व में की गई संपूर्ण अस्थायी सेवा की अधिकतम 7 वर्ष तक की कालावधि, भले ही वह कालावधि 4 से अधिक बार की गई सेवाओं का योग हो, कम करने के लिये अनुज्ञात किया जायेगा परन्तु इसके परिणाम स्वरूप जो आयु निकले, वह उच्चत्तर आयु सीमा से 3 वर्ष से अधिक न हो। स्पष्टीकरण:-- “छंटनी किया गया शासकीय सेवक” से अभिप्रेत है, ऐसा व्यक्ति, जो इस राज्य की अथवा किन्हीं भी संघटक इकाईयों की अस्थायी -शासकीय सेवा में कम से कम 6 माह की कालावधि तक निरन्तर रहा हो और जिसे किसी भी रोजगार कार्यालय में अपना पंजीयन कराने या शासकीय सेवा में नियोजन हेतु अन्यथा आवेदन करने की तारीख से अधिक से अधिक 3 वर्ष पूर्व स्थापन[ में कमी किये जाने के कारण Varga किया गया
(Vi) ऐसा अभ्यर्थी, जो “भूतपूर्व सैनिक” हो, उसे अपनी आयु में से उसके द्वारा पूर्व में की गई संपूर्ण प्रतिरक्षा सेवा की कालावधि कम करने के लिए अनुज्ञात किया जायेगा.; परन्तु इसके परिणामस्वरूप जो आयु निकले, वह उच्चतर आयु सीमा से 3 वर्ष से अधिक न हो। स्पष्टीकरण:-- शब्द “भूतपूर्व सैनिक” से अभिप्रेत है, ऐसा व्यक्ति, जो निम्नलिखित प्रवर्गों में से किसी एक प्रवर्ग का 'हो तथा जो भारत सरकार के अधीन कम से कम-6 माह की कालावधि तक निरंतर नियोजित रहा हो और जिसे किसी रोजगार कार्यालय में अपना पंजीयन कराने या शासकीय सेवा में नियोजन हेतु अन्यथा आवेदन करने की तारीख से अधिक से अधिक 3 वर्ष पूर्व मितव्ययिता इकाई की सिफारिशों के फलस्वरूप या स्थापना में सामान्य रूप से कमी किये जाने के कारण छंटनी किया गया हो अथवा जिसे अतिशेष (सरप्लस) घोषित किया गया

(1) ऐसे भूतपूर्व सैनिक, जिन्हें समय पूर्व सेवानिवृत्ति रियायतों के अधीन कर दिया हो; 
(2) ऐसे भूतपूर्व सैनिक, जिन्हें दुबारा नामांकित किया गया हो, और (क) अल्पकालीन वचनबद्ध अवधि पूर्ण हो जाने पर, (ख) नामांकन की शर्तें पूर्ण हो जाने पर, सेवामुक्त कर दिया गया हो। | (3) ऐसे भूतपूर्व सैनिक (सैनिक तथा असैनिक), जिन्हें उनकी संविदा पूरी हो जाने पर सेवामुक्त किया गया हो (जिनमें अल्पावधि सेवा के नियमित कमीशन प्राप्त अधिकारी भी शामिल है); (4) ऐसे भूतपूर्व सैनिक /अधिकारी, जिन्हें अवकाश रिक्तियों पर 6 माह से अधिक समय तक निरन्तर कार्य करने के पश्चात सेवामुक्त किया गया हो ; (5) ऐसे भूतपूर्व सैनिक, जिन्हें अशक्त होने के कारण सेवा से अलग कर दिया गया हो, 6) ऐसे भूतपूर्व सैनिक, जिन्हें इस आधार पर सेवामुक्त किया गया हो कि अब वे दक्ष सैनिक बनने योग्य नहीं है (7) भूतपूर्व सैनिक, जिन्हें गोली लग जाने, आदि हो जाने के कारण चिकित्सीय आधार पर सेवा से अलग कर दिया गया हो। (vii) अस्पृश्यता निवारण नियम, 1984 के अघीन अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पुरस्कृत दम्पत्तियों के सवर्ण पति/पत्नि के संबंध में उच्चतर आयु सीमा 5 वर्ष तक शिथिलनीय होगी। (viii) शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, गुण्डाधुर सम्मान, महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान तथा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों के संबंध में भी, उच्चतर आयु सीमा 5 वर्ष तक शिथिलनीय होगी |
(ix) ऐसे अभ्यर्थी, जो छत्तीसगढ़ राज्य निगम »/मण्डल के कर्मचारी हैं, के संबंध में उच्चतर आयु सीमा 38 वर्ष की आयु तक शिथिलनीय होगी।  (x) स्वयंसेवी नगर सैनिकों एवं नगर सेना के नान कमीशंड अधिकारियों के संबंध में उनके द्वारा पूर्व में इस प्रकार की गई नगर सेना सेवा की कालावधि. के लिये उच्चतर आयु सीमा में 8 वर्ष की सीमा के अध्यधीन रहते हुए छूट दी जाएगी, किन्तु किसी भी दशा में उनकी आयु 38 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए | | टीप- (1) ऐसे. अभ्यर्थी, जिन्हें उपरोक्त नियम के खण्ड (एक) के उप-खण्ड (ड) के पैरा (एक) तथा (दो) में उल्लिखित आयु संबंधी “Rasa "के अधीन परीक्षा “चयन में प्रवेश दिया गया हो, यदि वे आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के पश्चात, या तो परीक्षा,चयन के पूर्व या उसके पश्चात, सेवा से त्यागपत्र दे देते हैं, तो वे नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे। तथापि, यदि आवेदन पत्र भेजने के पश्चात सेवा या पद से उनकी छंटनी कर दी जाती हो, तो वे पात्र बने रहेंगे | (2) किसी भी अन्य मामले में ये आयु सीमा शिथिल नहीं की जायेंगी | विभागीय अभ्यर्थियों को चयन हेतु उपस्थित होने के लिए, नियुक्ति प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अभिप्राप्त करनी होगी | ह (xi) उपरोक्त संवर्गों के किसी एक या एक से अधिक आधार पर छूट प्राप्त करने के उपरांत, शासकीय सेवा में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी ; ह (xii) उपरोक्त के अतिरिक्त, आयु सीमा के संबंध में, शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश भी लागू होंगे।
2. न्यूनतम शैक्षणिक अर्हताएँ:-- अभ्यर्थी के पास सहायक शिक्षक पद पर सेवा के लिये निम्नानुसार न्यूनतम शैक्षणिक अर्हताएं होना आवश्यक है :- 

(क) कम से कम. 50 प्रतिशत अंकों के .साथ उच्चतर माध्यमिक (अथवा इसके समकक्ष) तथ प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाता हो) में द्विवर्षीय डिप्लोमा 

अथवा कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक (अथवा इसके समकक्ष) एवं प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाता हो) में द्विवर्षीय डिप्लोमा, जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ एन.सी.टी.ई. (मान्यता, मानदण्ड और क्रियाविधि) विनियम, 2002 के अनुसार प्राप्त किया गया हो। ' अथवा कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक (अथवा इसके समकक्ष) एवं प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (बी.एल.एड.) में चार वर्षीय स्नातक अथवा कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक (अथवा इसके समकक्ष) तथा प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (विशेष शिक्षाशास्त्र) में द्विवर्षीय डिंप्लोमा अथवा स्नातक तथा प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाता हो) में द्विवर्षीय डिप्लोमा
तथा
(ख) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा इस प्रयोजन के लिए जारी किये गये मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार समुचित सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) में उत्तीर्ण | विशेष :उपरोक्‍त पदों की शैक्षणिक अर्हताऐँ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई) द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं और माननीय न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के अनुक्रम में मान्य की जावेगी। 3. निरहताएं :-  (i) अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिए fest भी साधनों से, समर्थन.अभिप्राप्त करने के किसी भी प्रयास को, नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी द्वारा चयन के लिए निरहित माना जा सकेगा | (ii) कोई भी पुरूष अभ्यर्थी, जिनकी एक से अधिक पत्नियां जीवित हों और कोई भी महिला अभ्यर्थी, जिसने ऐसे पुरूष से विवाह किया हो, जिसकी पहले ही एक पत्नी जीवित हो, किसी सेवा या पद में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा» परन्तु यदि शासन को यह समाधान हो जाये कि ऐसा करने के विशेष कारण है, तो शासन, ऐसे अभ्यर्थियों को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे (iii) क़ोई भी अभ्यर्थी, किसी सेवा या पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक कि उसे ऐसी स्वास्थ्य परीक्षा में, जो कि विहित की जाए, मानसिक या शारीरिक रूप से स्वस्थ, तथा किसी मानसिक या शारीरिक दोष जो किसी सेवा या पद के कर्तव्य को पूरा करने में बाधा डाल सकता हो से मुक्त, घोषित न कर दिया जाये : परन्तु आपवादिक मामलों में अभ्यर्थी को उसकी स्वास्थ्य परीक्षा के पूर्व किसी सेवा या पद पर इस शर्त के अधीन अस्थायी नियुक्ति दी जा सकेगी कि यदि वह चिकित्सीय रूप से अस्वस्थ्य पाया जाता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल समाप्त की जा सकेंगी |
(iv) कोई भी अभ्यर्थी, किसी सेवा या पद के लिए उस स्थिति में पात्र नहीं होगा, यदि नियुक्ति प्राधिकारी का, ऐसी सम्यक जांच, जैसा कि आवश्यक समझें, के पश्चात्‌ यह समाधान हो जाये कि वह (अभ्यर्थी) ऐसी सेवा या पद के लिए उपयुक्त नहीं है।
(v) कोई भी अभ्यर्थी, जिसे महिलाओं के विरूद्ध किसी अपराध का सिद्ध दोष ठहराया गया हो, किसी सेवा या पद के लिए पात्र नहीं होगा : परन्तु यदि किसी अभ्यर्थी के विरूद्ध न्यायालय में ऐसे मामले लंबित हों, तो उसकी नियुक्ति का मामला तब तक लंबित रखा जायेगा जब तक कि उस आपराधिक मामले का न्यायालय द्वारा अंतिम विनिश्चय न कर दिया जाये। (vi) कोई भी अभ्यर्थी, जिसने विवाह के लिए नियत की गई न्यूनतम आयु से पूर्व विवाह कर लिया हो, किसी सेवा या लिए पात्र नहीं होगा। (vii) छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम, 1961 में दिये गये प्रावधान एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों के अनुसार निरहताएँ, अभ्यर्थियों के लिये लागू होंगी। (viii) चयनित अभ्यर्थी का चरित्र सत्यापन अर्थात पुलिस प्रमाणीकरण की विधिवत कार्यवाही के अध्ययधीन होगा | ह 4. अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी का विनिश्चय अंतिम होगा :- (i) चयन के लिये अभ्यर्थी की पात्रता अथवा अन्यथा के संबंध में नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी का विनिश्चय अंतिम होगा तथा ऐसे किसी भी अभ्यर्थी को, जिसे परीक्षा हेतु प्रवेश प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया हो, परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी | (ii) चयन प्रक्रिया के किसी समय पर अथवा नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी को चयन सूची भेजने के बाद भी, यदि नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी के संज्ञान- में यह तथ्य आता है कि अभ्यर्थी ने असत्य जानकारी दी है अथवा उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कोई विसंगति पायी गई है, तो वह निरहित हो जायेगा एवं उसक़ा चयन नियुक्ति, नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी द्वारा समाप्त कर दी जायेगी | 5. पदों हेतु आरक्षण :- (i) सेवा में भर्ती के समय, छत्तीसगढ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 (क्र. 21 सन्‌ 1994) के उपबंध तथा उक्त अधिनियम के अधीन, शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश भी लागू होंगे। (ii) छत्तीसगढ सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम 1997 के उपबंध के अनुसार महिला अभ्यर्थियों के लिये 30 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जायेंगे। यह आरक्षण, Waray और प्रभागवार होगा। नियम के प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए, विधवा अथवा तलाकशुदा महिला अभ्यर्थियों को अधिमान दिया जायेगा। (ii) उपरोक्त के अतिरिक्त, दिव्यांगजन »भूतपूर्व सैनिक के लिए पदों को, शासन द्वारा समय-समय पर बनाये गये अधिनियम /नियम /जारी आदेश » निर्देश के अनुसार आरक्षित रखा जायेगा। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (2016 का सं. 49) के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में लागू प्रतिशत के अनुसार पदों का आरक्षण, 7 प्रतिशत रहेगां। (iv) श्रवण शक्ति बाधित व्यक्ति यदि श्रवण यंत्र की सहायता से सुनने में सक्षम हो तो ही सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिये पात्र होंगें एवं पूर्ण बधिर व्यक्ति अपान्र होगें | 6. चयन सूची :- (i) चयन हेतु भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापम) द्वारा किया जायेगा। परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट 1005://५५3091168.68591९.2४०५.॥॥/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।. (ii) भर्ती परीक्षा परिणाम के आधार पर तैयार की गई चयन सूची की वैधता, चयन सूची जारी किये जाने की तारीख से छः माह की होगी । (iii) प्रत्येक प्रवर्ग के लिये एक प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जायेगी, जिसमें न्यूनतम एक तथा अधिकतम  पदों के 25 प्रतिशत तक नाम सम्मिलित होंगे। प्रतीक्षा सूची की ऐसी चयन सूची जारी होने की तारीख से 09 माह की होगी | (iv) छ.ग. सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुये उपलब्ध रिक्तियों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिये उसी क्रम में विचार किया जायेगा, जिसे क्रम में उनके नाम सूची आये हो।

(v) जांजगीर-चांपा जिले में विज्ञापित सभी 70 पद सकती जिले में एवं कोरिया जिले में विज्ञापित 100 पदों में से 50 ve मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छ.ग. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक /RULE/24/ 2026-GAD-3 नवा रायपुर, दिनांक 09.02.2026 सें दिये गये निर्देश के अनुक्रम में भरे जायेगें। 7. परिवीक्षा :-  (i) सेवा में सीधी भर्ती किया गया प्रत्येक व्यक्ति, 03 वर्ष की कालावधि के लिये परिवीक्षा पर नियुक्त किया जायेगा। (ii) यदि कार्य असंतोषप्रद पाया जाता है, तो परिवीक्षा अवधि में, नियोक्‍ता प्राधिकारी द्वारा अधिकतम एक वर्ष तक की अवधि की वृद्धि की जा सकेगी। _ (iii) परिवीक्षा अवधि की कालावधि या बढ़ाई गई अवधि के दौरान या परिवीक्षा अवधि के अंत में यदि शासन की राय में कोई विशिष्ट अभ्यर्थी, अधिकारी बनने के योग्य न हो, तो ऐसे परिवीक्षाधीन की सेवाएँ समाप्त की जा सकेंगी | | 8,अन्य निर्देश :- (i) पदों की संख्या परिवर्तनीय है। (ii) दिव्यांग श्रेणी में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों का उनके पदांकित जिला के जिला मेडिकल बोर्ड से बेंचमार्क दिव्यांगता एवं निष्पादन आवश्यकताओं का परीक्षण कराया जायेगा, उसके उपरांत ही उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया जायेगा।
(iii) अभ्यर्थी के पास छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। ह
(iv) चयन सूची व्यापम द्वारा आयोजित लिखित भर्ती परीक्षा परिणाम के आधार पर तैयार की जायेगी।
(v) चयन प्रक्रिया हेतु राज्य शासन की अनुमति से विशेषज्ञ संस्थाओं का तकनीकी संहयोग लिया जायेगा। 

(vi) पदों पर नियुक्तियां छत्तीसगढ़ स्कूल-शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2026 अनुसार की जायेगी |
(vii) उपरोक्त विज्ञापित पदों के लिए की जाने वाली चयन उपरांत नियुक्तियां माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्‍ली में दायर एस.एल.पी.(सी) कमांक 019668 / 2022 में पारित होने वाले अंतिम आदेश » निर्णय के अध्यधीन रहेगी ।
(viii) ऑन-लाईन आवेदन करने के पूर्व अभ्यर्थी नियम निर्देशों का अवलोकन कर स्वयं सुनिश्चित कर लें कि परीक्षा में सम्मिलित होने की पात्रता है अथवा यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा फल घोषित होने .के बाद भी पाया जाता है अथवा उसके द्वारा दी गई कोई भी जानकारी गलत पायी जाती है तो उसकी अभ्यर्थिता/ चयन / नियुक्ति, अमान्य »निरस्त किया जा सकेगा | है
(ix) अभ्यर्थी के अर्हता प्रमाण पत्र उनकी नियामक संस्थाओं »जारीकर्ता संस्थाओं के प्रचलित नियमों के अनुक्रम में मान्य किये जायेगें |
(x) नियुक्त उम्मीदवारों को उनके पद नाम के सम्मुख अंकित वेतन मेट्रिक्स के साथ-साथ राज्य शासन द्वारा समय-समय पर प्रसारित आदेशों के अनुसार महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्ते देय होंगे।

(xi) अभ्यर्थी द्वारा आवश्यक शैक्षणिक अर्हता एवं अन्य अर्ह्ताओं का प्रमाण पत्र व्यापम द्वारा निर्धारित ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि अथवा उसके पूर्व तिथि तक प्राप्त करना अनिवार्य है।
(xii) आरक्षित श्रेणी में चयनित अभ्यर्थी को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा अन्यथा विज्ञापन के तहत दर्शित छूट (आयु / आरक्षण) का लाभ प्राप्त नहीं होगा।
(xiii) अनुसूचित जनजाति /अनुसूचित जाति के विवाहित महिला अभ्यर्थियों को अपने नाम के साथ पिता का नाम अंकित जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
(xiv) यदि अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ शासन के अधीन शासकीय विभाग /निगम मण्डल / उपक्रम में कार्यरत हो अथवा भारत सरकार अथवा उनके किसी उपकम की सेवा में कार्यरत हो या राष्ट्रीयकृत / अराष्ट्रीयकृत बैंक, निजी संस्थाओं अथवा किसी, भी विश्वविद्यालय में कार्यरत हों तो उन्हें प्राधिकारी का अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। (xv) अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन की सूचना एवं अन्य जानकारी विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन दी जायेगी। अभ्यर्थी नियमित रूप से विभाग के पोर्टल https:// eduportal.cg.nic.in/ का अवलोकन करते रहेंगे। (xvi) लिखित भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 11.10.2026 है। . (xvii) ऐसे अभ्यर्थी को आपराधिक अभियोजन के लिए दोषी ठहराया जायेगा, जिसे व्यापम /नियोक्‍्ता ने निम्नलिखित के लिए दोषी पाया हो'- (एक) जिसने अपनी अभ्यर्थिता के लिए परीक्षा में किसी भी तरीके से समर्थन प्राप्त किया हो या इसका प्रयास किया हो, या (दो) पररूप धारण (इम्परसोनेशन) किया हो, या (तीन) किसी व्यक्ति से पररूप धारण कराया हो / किया. हो, या (चार) फर्जी दस्तावेज या ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किये हों जिनमें फेरबदल किया हो, या - (पांच) चयन के किसी भी स्तर पर असत्य जानकारी दी हो या सारभूत जानकारी छिपायी हो, या (छ) परीक्षा में प्रवेश पाने के लिये कोई अन्य अनियमित या अनुचित साधन अपनाया हो, या (सात) ' परीक्षा कक्ष में अनुचित साधनों का उपयोग किया हो या करने का प्रयास किया हो, या | (आठ) परीक्षा संचालन में लगे कर्मचारियों को परेशान किया हो या धमकाया हो ह या शारीरिक क्षति पहुंचाई हो, या  (नौ) प्रवेश पत्र /बुलावा पत्र में अभ्यर्थियों के लिये दी गई किन्हीं भी हिदायतों या अन्य अनुदेशों जिनमें परीक्षा संचालन में लगे केन्द्राध्यक्ष / सहायक केन्द्राध्यक्ष / प्राधिकृत अन्य कर्मचारी द्वारा केन्द्राध्यक्ष के द्वारा स्थापित व्यवस्था अनुसार मौखिक रूप से दी गई हिदायतें भी शामिल है,का उल्लंघन किया हो  या
  (दस) परीक्षा कक्ष में किसी अन्य तरीके से दुर्व्यवहार किया हो, या
(ग्यारह) परीक्षा केन्द्र परिसर में मोबाइल फोन संचार यंत्र प्रतिबंध का उल्लंघन किया हो | 
(xvii) (ब) उपरोक्त प्रकार से दोषी पाये जाने पर अभ्यर्थी के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के अलावा चयन के लिए अभ्यर्थिता भी निरस्त की जा सकेगी | लोक 'शिक्षण, छत्तीसगढ़

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